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हिंदी ब्लॉग कैसे बनायें? How to Make Hindi Blog?

नवीनतम अपडेट – जुलाई 18, 2020

नये ब्लागरों को अकसर दुविधा रहती है कि नए हिंदी ब्लॉग की शुरुआत कहाँ से की जाए और उसके लिए क्या-क्या करना पड़ता है? इस लेख में हम समझेंगे कि नए हिंदी ब्लॉग की स्थापना कैसे की जाए ( How to Start a New Blog in Hindi) और उसे कैसे ऑपरेट किया जाए.

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हिंदी ब्लॉग कैसे शुरू करें? (Hindi Blog Kaise Shuru Karein?)

हिंदी में ब्लॉग बनाना किसी भी अन्य भाषा में ब्लॉग बनाने जैसा ही आसान है, जिसके लिए आपको अपने ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म की सेटिंग्स में थोड़ा सा बदलाव करना होता है. कौन से ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म में कहाँ और कैसे बदलाव करना है? यह हम चरणबद्ध (स्टेप-बाय-स्टेप) तरीकों से समझेंगे। सबसे पहले हम विभिन्न ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म्स को समझेंगे और उसके बाद बाकी का मूल विषय सीखेंगे।

सर्वप्रथम हम जानते हैं की ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म कितनी प्रकार के हैं और उनपर कैसे काम किया जाता है। ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म मुख्यतः 2 प्रकार के होते हैं, जिनका वर्णन निम्नन प्रकार से हैं।

  • होस्टेड ब्लॉग (Hosted Blog)
  • सेल्फ होस्टेड ब्लॉग (Self Hosted Blog)

होस्टेड ब्लॉग – (Hosted Blog meaning in Hindi)

होस्टेड ब्लॉग (Hosted Blog) वह जरिया है जहाँ आप अपने ब्लॉग को बिना तकनिकी ज्ञान के चला सकते हैं। सर्वर और होस्टिंग सम्बंधित सभी चिंता उस कंपनी की होती हैं जहाँ से आप अपना ब्लॉग चलाते हैं। जैसे विक्स (Wix), वीब्ली (Weebly), वर्डप्रेस.कॉम (WordPress.Com) , गूगल की ब्लॉगर (Blogger) सेवा, Tumblr इत्यादि।

होस्टेड ब्लॉग्गिंग के लिए आपको उपरोक्त वेबसाइटो में से किसी एक पर अपना अकाउंट बनाना पड़ता हैं उसके बाद आप का ब्लॉग शुरू हो जायेगा। इन वेबसाइटो पर नया अकाउंट बनाना अपने आप में बहुत आसान है, ठीक वैसे जैसे आप फेसबुक ID बनाते हैं।

आपको केवल अपनी बेसिक डिटेल देनी पड़ती हैं जैसे नाम, जन्मतिथि, ईमेल पता इत्यादि। होस्टेड ब्लॉग में कुछ फायदे और कुछ नुकसान होते हैं जिनका जिक्र हम निचे कर रहे हैं। 

होस्टेड ब्लॉग के सकारात्मक पहलु (Pros of Hosted  Blog – in Hindi):

  • आप को सर्वर और वेब होस्टिंग की चिंता नहीं रहती, यह सेवा लगभग मुफ्त ही होती हैं। 
  • ब्लॉग का ढांचा ( Blog Structure ) और SEO जैसी तकनिकी देखरेख करने की आवश्यकता ही नहीं होती।
  • स्टोरेज और डाटा की कोई पाबन्दी नहीं होती, अनलिमिटेड स्पेस प्राप्त होता है।   

होस्टेड ब्लॉग के नकारात्मक पहलु (Cons of Hosted Blog – in Hindi):

  • आप का ब्लॉग पूर्णतः आपके नियंत्रण में नहीं होता , कुछ जरुरी कण्ट्रोल ब्लॉग होस्टिंग कंपनी के पास ही रहते हैं।
  • ब्लॉग की customization के सभी ऑप्शन ब्लॉगर के पास नहीं होते, मनपसंद प्लगइन और थीम्स इनस्टॉल नहीं किये जा सकते। 
  • यूजर के पास SEO के भी सिमित ऑप्शन ही रहते हैं।
  • कुछ मामलों में आपके लिखे कंटेंट पर ब्लॉग होस्ट कंपनी का भी अधिकार होता है। 
सम्बंधित पोस्ट:  Hindi Blog Writing Tips - हिंदी ब्लॉग लेखन सीखें

सेल्फ होस्टेड ब्लॉग – (Self Hosted Blog meaning in Hindi)

सेल्फ होस्टेड या स्वयं द्वारा होस्टेड ब्लॉग आपको अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है, आपका ब्लॉग और उसका कंटेंट पूर्ण रूप से आपके नियंत्रण में रहता है और आप उसके डिज़ाइन आदि में मन मुताबिक बदलाव कर सकते हैं। इसके लिए आपको Bluehost शेयर्ड होस्टिंग जैसी कोई वेब होस्टिंग सर्विस खरीदनी पड़ती है जिसका महीने भर का खर्च लगभग 200 रूपये से शुरू होता है और जरुरत के हिसाब से बढ़ता रहता है।

नए ब्लॉगर के लिए शेयर्ड होस्टिंग सेवा पर्याप्त है, यदि ब्लॉग पर ट्रैफिक बढ़ता है तो वेब होस्टिंग के पैकेज को भी अपग्रेड किया जा सकता है।   

नई खरीदी गई होस्टिंग सर्वर पर आप WordPress.Org का सेल्फ होस्टेड रूप (Version) इंसटाल कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में 30 मिनट से ज्यादा का समय नहीं लगता। होस्टिंग प्रोवाइडर कम्पनी आजकल वर्डप्रेस का 1-Click-Install उपलब्ध करवाती हैं, जिससे सॉफ्टवेयर या कोडिंग के ज्ञान की कोई जरुरत नहीं रहती।

सेल्फ होस्टेड ब्लॉग के सकारात्मक पहलु (Pros of Self Hosted Blog – in Hindi):

  • ब्लॉग और उसका कंटेंट पूर्णतः आपके कण्ट्रोल में रहता है। 
  • आपका ब्लॉग एक ब्रांड के रूप में विकसित होता है।  
  • आप अपनी इच्छा अनुसार अपने ब्लॉग का SEO , Plugin और Theme बदल सकते हैं।
  • यदि आप ब्लॉग से पैसा कमाना चाहते हैं तो सेल्फ होस्टेड ब्लॉग पर मौद्रीकरण (Monetization) के बहुत से ऑप्शन खुल जाते हैं।
  • अपने ब्लॉग को आप एक होस्टिंग कंपनी से दूसरी पर आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं।

सेल्फ होस्टेड ब्लॉग के नकारात्मक पहलु (Cons of Hosted Blog – in Hindi):

  • ब्लॉग की सिक्योरिटी का इंतजाम आपको स्वयं करना होता है।
  • जिनका ब्लॉग ट्रैफिक कम हो उनके लिए होस्टिंग का खर्च बढ़ जाता है।
  • ब्लॉग के प्लगइन, थीम इत्यादि के अपडेट स्वयं करने पड़ते हैं।

इन 2-3 के अलावा सेल्फ होस्टेड ब्लॉग के कोई नेगेटिव पॉइंट्स हमारी नजर में नहीं हैं।

निष्कर्ष व हमारी राय (Conclusion)

हमारा मानना है की शुरुआती प्रयोग और सिखने के लिए तो आप किसी भी फ्री होस्टेड ब्लॉग सेवा पर अपना ब्लॉग बना सकते हैं, पर यदि आप सीरियस ब्लॉगर हैं और आपको अपने ब्लॉग की सर्च इंजन रैंकिंग और परफॉरमेंस को नियंत्रण में करना हैं तो वेब होस्टिंग सेवा खरीद कर अपना स्वयं का होस्टेड ब्लॉग बनाएं। 

सेल्फ होस्टेड वर्डप्रेस पर बने ब्लॉग आसान होने की वजह से आजकल सबसे अधिक चलन में हैं, सो आप भी कोशिश करें की आपका ब्लॉग भी आपके वेब होस्टिंग (Web Hosting) सर्वर पर WordPress पर ही बना हो।

शुरू में आप अपना ब्लॉग किसी मुफ्त होस्टेड साइट पर भी बना सकते हैं और जैसे ही पाठक और ट्रैफिक बढ़ते हैं वैसे ही आप अपने ब्लॉग को भी स्वयं द्वारा होस्टेड (Self-Hosted) प्लेटफार्म पर स्थानांतरित (Migrate Blog to Self-Hosted WordPress) कर सकते हैं। 

आप अपने सवाल या विचार निचे कमैंट्स में लिख सकते हैं, हम प्रयास करेंगे की हम शीघ्र ही आपको सही सुझाव प्रदान करें।

Posted in ब्लॉग्गिंग

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